Winners of Indian Comics Fandom Awards 2018 #ICFA_2018

Total Winners – 29 (9 Categories)

Hall of Fame 2018 Inductees – 6

Honorable Mentions – 4

2

Best Blogger-Reviewer

Prabhat Kumar Singh (Gold), Rahul Raj (Silver), Himanshu Khatri (Bronze)

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Best Cartoonist 

Sushant Panda (Gold), Husain Zamin (Silver), Samir Narayan (Bronze)

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Best Colorist

Aditya Kishore (Gold), Pasang Amrit Lama (Silver), Vibhav Pandey (Bronze)

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1

Best Comics Collector

Prahlad Dubey (Gold), Shalu Gupta (Silver), Gopal Sharma (Bronze)

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Best Fanfiction Writer

Hukum Mahendra (Gold), Balbinder Singh (Silver), Talha Faran and Samvart Harshit [Tie] (Bronze)

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Best Fan Artist 

Himmat Singh (Gold), Baljinder Singh Korwa (Silver), Dheeraj Anand and Hemant Dhawal [Tie](Bronze)

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1

Best Fan Work (Comic, Video, Music etc)

Apocalypse – FMC (Gold), Toon Tales: Hasgulle (Silver), Sarpvan ka Pishach (Bronze)

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Best Webcomic

Green Humour (Gold),  Delicate Desi – Akoodles (Silver), TaccoMacco (Bronze)

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1

Best Cosplay 

Rudra Rajpoot (Gold), Nikhil Verma (Silver), Agam Sharma (Bronze)

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3

Hall of Fame 

Mohan Sharma, Aabid Surti, Bharath Murthy, Shambhu Nath Mahto, Arun Prasad, Akshay Dhar

4

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Honorable Mention

*) – Emerging Publications – Fiction Comics, Comix Theory

*) – Best Community – Indian Comics Universe Fan Club (ICUFC)

*) – Best Magazine – Nanhe Samrat

Nominate your Favorite: Indian Comics Fandom Awards 2018 #ICFA_2018

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Nominations for the Indian Comics Fandom Awards 2018 are now open.

ICFA 2018 Categories

*) – Best Blogger-Reviewer

*) – Best Cartoonist

*) – Best Colorist

*) – Best Comics Collector

*) – Best Fanfiction Writer

*) – Best Fan Artist

*) – Best Fan Work (Comic, Video, Music etc)

*) – Best Webcomic

*) – Best Cosplay

*) – Hall of Fame

ICF Awards 2018 results to be calculated based on previous awards polls, nominations. No category-wise separate polls this year. However, you can still nominate a fan or artist in these categories. Your nomination mail/message equals to one vote. Email nominee’s name, category (maximum 3 category nominations for 1 person) – letsmohit@gmail.com or inbox us (Indian Comics Fandom), Deadline is 5 PM Sunday, 30 December 2018

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Oct 2018 Updates #mohit_trendster

Freelance Talents nomination certificate India 5000 Best MSME Award 2018

Event – Sooraj Pocket Books: Baaten, Kitaben, Mulaqaten #2 (30 September 2018)

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Google Local Guides Level #06

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Event appearance News Dainik Jagran (October 2018) and Dainik Bhaskar (September 2018)

 

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Dawriter Top Writers list

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Chess24 stats

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Super Cricket Level 10

Interview with Author Ajay Kumar Singh (Part #01)

Interview (Part #02)

Comics Theory Event (September 2018)

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Comics Theory Book launch and Workshop (2 September 2018)
1) – Albela (Arvind Negi)
2) – Chori ka Arop (Husain Zamin)
3) – Comics Theory #01 – Ghosts of India (Various)
4) – Savitri (Shambhu Nath Mahto)

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कॉमिक्स थ्योरी के सौजन्य से आयोजित कार्यक्रम में कई कलाकारों और पाठकों से मिलने का अवसर मिला। तदम ग्यादू, एम.के. गोयल, अरविंद सिंह, विलक्षण कौशिक (गायक), अनुपम रावत, रोहित शर्मा, व्योमा मिश्रा जी, मोहन शर्मा जी से पहली बार मिलकर मन गदगद हो गया। हालाँकि, ऐसे अवसरों पर अक्सर जितना समय हम चाहते हैं उतना सबके साथ नहीं बिता पाते। कभी-कभी किसी नये चेहरे से मिलने के लिए बढ़ते क़दमों को कोई पुरानी जानी-पहचानी आवाज़ रोक कर बैठा लेती है…बस फिर एक बात से दूसरी बात और नये चेहरों से सीमित चर्चा जिसका बाद में मलाल रह जाता है।

विशेष अतिथिगण किशोर श्रीवास्तव जी, हुसैन सर, अरविन्द साहू जी, व्योमा मैम, ललित शर्मा जी, प्रियदर्शन जी, स्मिता जी और जगदीश जी ने अपने अनमोल अनुभव बाँटे। मनीष मिश्र की आगामी कॉमिक “द हॉरर शो” और ड्रीम कॉमिक्स की अन्य प्रस्तुतियों के पोस्टर सुन्दर और जिज्ञासा बढ़ाने वाले थे। अरविंद सिंह नेगी बड़ी गर्मजोशी से मिले। आज साहित्य को अरविंद जैसे युवा शिल्पियों की ज़रुरत है। उनकी आगामी पुस्तक “अलबेला” के बारे में जो जानकारी सुनी उससे तो लगता है एक बढ़िया उपन्यास पढ़ने को मिलेगा। यहाँ भी उनका मार्गदर्शन शम्भू जी कर रहे हैं।आजकल कॉमिक्स थ्योरी, नन्हे सम्राट में सक्रीय जय भाई और वरिष्ठ कलाकार विवेक कौशिक सर के वर्कशॉप जैसे गागर में सागर थे, जहाँ काफी सीखने को मिला। वर्कशॉप से पहले और बाद में भी जय भाई सभी को समय देने की भरपूर कोशिश कर रहे थे जो देखकर प्रसन्नता हुयी। फैन फेस्ट के बारे में जानकारी देती मोहनीश और आकाश की प्रस्तुति लाजवाब रही, जिस से पता चला कि कितने कम समय में लगातार इस आयोजन का रूप बढ़ता जा रहा है। अच्छी बात ये रही कि मोहनीश ने डिप्लोमेटिक राह ना चुनकर अपने मन की बातें और आयोजन में आने वाली चुनौतियों के बारे में सबको बताया। यू.एफ़.सी. कम्युनिटी से ललित पालीवाल और साथियों ने कार्यक्रम में भागीदारी की, उनकी कॉमिक “बेचारा मोटेलाल” की प्रतियाँ इवेंट में थी। निखिल वर्मा का कॉस्प्ले अबतक का उनका सबसे बढ़िया कॉस्प्ले कहा जा सकता है। कॉमिक्स की थीम पर उनका गेटअप डरावना था।

मेरा अधिकतर समय अभिराज, प्रकाश भल्ला भाई, तन्वी, संजय सिंह और मनीष के साथ गप्पे लड़ाते हुए बीता। मेरा एक छोटा सा सेशन हुआ जिसमें लेखन, कॉमिक्स और साहित्य से जुड़े मन में दबे कुछ विचार कहे। इतने दिग्गज कलाकारों के बीच वैसे ऐसे सेशन के ज़्यादा मायने नहीं लगते।

आयोजन को सफल बनाने में अनुपम रावत, आयुष, अभिराज, तन्वी, अक्षय, अमित, मुर्शीद, दीपक व अन्य साथियों ने बेजोड़ मेहनत दिखायी। वहीं दूर होकर भी शाहब खान और धीरज कुमार ने अपने योगदान दिये। अंत में शम्भू जी का धन्यवाद इतना लोड लेने के लिए, तेज़ बारिश और विपरीत परिस्तिथियों में डटे रहने के लिए और भारतीय कॉमिक्स के अनदेखे पहलुओं पर लबडब करती स्पॉटलाइट मारने के लिए। नयी पीढ़ी के पाठक और कलाकार आपके इन्ही प्रयासों से कई खो चुके कलाकारों, विधाओं और कॉमिक्स के बारे में जानेंगे। आपने कहा था कि आप भारतीय कॉमिक्स परिवेश और इतिहास पर डॉक्टरेट शोध करना चाहते हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि कॉमिक्स थ्योरी, कॉमिक्स फैन डॉक्यूमेंट्री जैसे उपक्रम से आप ऐसा करेंगे और भारतीय कॉमिक्स पर संघर्ष में लबडब करती नहीं…बल्कि परछाईयों के महीन कोण गढ़ती तेज़ स्पॉटलाइट डालेंगे। 🙂

Spark 2018 Event

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Freelance Talents is proud to be associated with Rock Aashram

Event – Spark 2018, Location – Lucknow

Sooraj Pocket Books Event, Delhi (January 2018)

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28 जनवरी 2018 को पीतमपुरा, दिल्ली में सूरज पॉकेट बुक्स के पहले आयोजन में शिरकत करने और मंच संचालन का मौका मिला। लेखक शुभानंद जी के नये नॉवेल “मास्टरमाइंड” में मेरी नज़्म शामिल थी। इस तरह सूरज पॉकेट बुक्स में यह मेरी तीसरी पोएट्री थी। भविष्य में इस प्रकाशन के साथ कुछ और किताबों में मेरा काम पढ़ने को मिलेगा।

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यह इवेंट सफल रहा…जहाँ कई युवा लेखक, कवि दिख रहे थे, वहीं परशुराम शर्मा जी, आबिद रिज़वी जी, आशा शैली जी और किशोर श्रीवास्तव जी जैसे वरिष्ठ साहित्यकार मौजूद थे। अपनी कुछ नज़्म, काव्य पेश किये और कुछ यादगार साक्षात्कार लिये। पहली एंकरिंग में कई बातें पता चली, आगे ध्यान रखकर और बेहतर करने की कोशिश रहेगी।

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SPB Event Update

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।।बातें, किताबें और मुलाक़ातें।।

28 जनवरी 2018
नई दिल्ली में।

इवेंट डिटेल्स
https://goo.gl/CSrL92

Sooraj Pocket Books Event
Upcoming #event #Delhi ….Hope to see you there! 🙂

#ICFA_2017 Indian Comics Fandom Awards 2017

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List of Indian Comics Fandom Awards 2017 Winners #ICFA_2017

Gold
*) – Best Cartoonist: – Kaak Cartoonist (Harish Chandra Shukla)
*) – Best Fan Artist: – Aditya Kishore
*) – Best Blogger-Reviewer: Sreejita Biswas
*) – Best Fan Work: Nitin Swaroop (Parmanu Fan Trailer)
*) – Best Fanfiction Writer: Ankit Nigam
*) – Best Webcomic: Ugly Sweater (Brice Richard)
*) – Best Colorist: Shahab Khan

Silver
*) – Best Cartoonist: Satish Acharya
*) – Best Fan Artist: Uttam Chand
*) – Best Blogger-Reviewer: Manish Mishra
*) – Best Fan Work (2): Gandhigiri (Kriti Comics) and FMC (Team Balbinder Singh) [Tie]
*) – Best Fanfiction Writer: Krishna Kumar
*) – Best Webcomic: Freelance Talents Comics
*) – Best Colorist – Pankaj Deore

Bronze Fanfiction Writer

Bronze
*) – Best Cartoonist: Xongbros (Krishna Banerjee, Balram Banerjee)
*) – Best Fan Artist (2): Awailang Kokai, Ravi Biruly [Tie]
*) – Best Blogger-Reviewer: Abhilash Ashok Mende
*) – Best Fan Work: Vigyapan War Comic
*) – Best Fanfiction Writer: Divyanshu Tripathi
*) – Best Webcomic: Brown Paperbag (Sailesh Gopalan)
*) – Best Colorist: Rudraksh

Hall of Fame – Prem Gupta, Dildeep Singh, Supratim Saha, Gaurav Shrivastav, Saurabh Saxena

Honorable Mention
Cosplay – Rudra Rajput (as Nagraj)
Journalism – Culture Popcorn Website and Anik Planet
Publication – TBS Planet Comics
Communities – Comics Our Passion (COP), Ultimate Fans of Comics (UFC)

ICF Awards 2017 Categories #ICFA_2017

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*) – Best Blogger-Reviewer
*) – Best Cartoonist
*) – Best Colorist
*) – Best Comics Collector
*) – Best Fanfiction Writer
*) – Best Fan Artist
*) – Best Fan Work (Comic, Video, Music etc)
*) – Best Webcomic
*) – ICF Hall of Fame

ICF Awards 2017 results to be calculated based on previous awards polls, nominations. Cosplay category discontinued after no recorded cosplay on any character from Indian Comics universe 2 years in a row. No category-wise separate polls this year. However, you can still nominate a fan or artist in these categories. Your nomination mail/message equals to one vote. Email nominee’s name, category (maximum 3 category nominations for 1 person) – letsmohit@gmail.com or inbox us (Indian Comics Fandom), Deadline is Tuesday, 31 October 2017
Image Credit – Vector Open
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जीवन में विलेन ढूँढने की आदत (लेख) #ज़हन

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कॉमिक्स लेखन में एक कहावत है, “विलेन भी अपनी नज़रों में हीरो होता है।” खलनायक अपनी छोटी भूल से लेकर जघन्य अपराधों तक का इतनी चपलता से स्पष्टीकरण देता है कि लगे उस स्थिति में सबसे ठीक विकल्प वही था। बचपन से हमें बुराई पर अच्छाई की जीत वाली कई गाथाओं का इस तरह रसपान करवाया जाता है तो कोई भी बुरा नहीं बनना चाहता। अब सवाल उठते हैं कि अगर कोई बुरा नहीं तो फिर समाज में फैली बुराई का स्रोत क्या है? दुनिया में सब अच्छे क्यों नहीं? जवाब उस कॉमिक विलेन वाला है, ‘अपनी पिक्चर में हर कोई नायक होता है।’ दुनिया में ना कोई पूरी तरह अच्छा है और ना ही कोई बुराई का पुतला है। फिर भी खलनायक ढूँढने, बनाने की आदत हम सबके अंदर है। ये आदत कहाँ से जन्मी? शायद मानव मन को एक सांत्वना सी मिल जाती है और अपनी बुराइयों, कमियों से ध्यान हट जाता है। कभी-कभार परिवेश और घटनाओं के आधार पर किसी को डीमनाइज़ करना समझा जा सकता है पर जब यह आदत लोग अपने निजी जीवन के हर पहलु में लगाने लगें तो समस्याओं का जाल बन जाता है।

*) – प्रकृति की कारस्तानी: नेचर का एक नियम होता है कि हर जैविक प्रजाति धरती पर हो रहे बदलाव के अनुसार खुद को ढालते हुए निश्चित विकास के साथ बढ़ती रहे। अब अगर सबसे विकसित दिमाग वाला प्राणी मनुष्य, बात बात पर अंतःकरण की आवाज़ सुनकर खुद पर सवाल करने लगेगा तो उस प्रजाति में अवसाद, हीन भावना आदि मानसिक समस्याओं का औसत काफी बढ़ जाएगा। ऐसा होने पर मानव प्रजाति के विकास में बाधा आ सकती है। इस कारण से आम इंसान का ध्यान बँटाने के लिए प्रकृति ने उसमे ऐसा तंत्र फिट किया है कि वह दुनियाभर की बुराई को मैग्नीफाई करके खुद को दिलासा देता रहता है कि “मैं तो फिर भी बहुत ठीक हूँ बाकियों से।” इस सोच को बढ़ावा देने में मीडिया का बड़ा योगदान है जिसे किसी नैरेटिव और मसाले के लिए लगभग हर कहानी में किसी ना किसी को खलनायक बनाने का शौक है।

*) – घटनाओं की नवीनता: …यानी रीसेन्सी ऑफ़ इवेंट्स का मतलब किसी व्यक्ति द्वारा अपनी सुविधानुसार पास की घटनाओं के हिसाब से मन बनाना। वहीं पहले हुई घटनाएँ जो उसकी याददाश्त के कम्फर्ट जोन से बाहर हों उन्हें सोच में शामिल ना करना। यहाँ सुविधा सिर्फ कुछ याद रखने के दायरे में ही नहीं बल्कि अपने एजेंडे के हिसाब से घटनाओं को रखने और हटाने में भी है। अक्सर सोशल मीडिया पर किसी राजनैतिक बहस पर आप ऐसा देख सकते हैं। किसी असत्यापित खबर पर हम इसी अनुसार सही और गलत पक्ष का निर्णय सुना देते हैं।

*) – निजी जीवन: बाहरी घटक तो एक बार के लिए फिर भी संभाले जा सकते हैं पर अगर कोई इंसान अपने जीवन में अहम् किरदार लिए लोगो को डीमनाइज़ करना शुरू कर दे तब वह अनजाने में अपना ही नुक्सान करने लगता है। उसके पेशे, रिश्तों पर इसका बुरा असर पड़ता है। बिना किसी ठोस आधार के अपनी कल्पनाओं के अम्बार को आग लगाकर हम अपने जीवन के रावणो को ढूँढ लेते हैं। समय के साथ ये आदत प्रबल हो जाती है पर इतनी प्रत्यक्ष होकर भी हमें दिखाई नहीं देती।

पूछें खुद से ये सवाल – उसकी जगह मैं होता तो क्या करता? क्या कोई ऐसी बात तो नहीं जो मुझसे अनदेखी रह गयी? कहीं मैं मन में गढ़ी बातों को असल बातों में मिला तो नहीं रहा? इस मसले पर बिना किसी पूर्वाग्रह से ग्रस्त व्यक्ति की क्या राय होती? मन के ध्यान बटाऊ टैक्टिस में फँसने के बजाय इन सवालों के ईमानदार जवाब कई मामलों में ग़लतफहमी दूर कर देंगे और शर्तिया 10 में से 8-9 बार आपकी कहानी में बिना बात कोई काल्पनिक खलनायक नहीं रहेगा।

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Read समूह वाली मानसिकता (लेख)

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