Nazms in new novel

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Mit Gupta’s Teri Isshq Wali Khushboo #romantic Novel (sprinkled with nazms-poetic seasoning by yours truly) will be released on wednesday…Valentine’s Day! ❤ #romance #novel #mitgupta #hindi #literature #poetry #mohitness #mohit_trendster

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…..and a random bonus pic!

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Kavya Comic #12 – Kadr (कद्र)

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Deepjoy Subba (Illustrator), Mohit Sharma (Writer-Poet), Harendra Saini (Colorist), Youdhveer Singh (Letterer), Cover Artist – James Boswell

Intro Poem (2016), Comic Poem (2007), Cover Art (1939)

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बेटा जब बड़े हो जाओगे….
बेटा जब बड़े हो जाओगे ना…
…और कभी अपना प्रयास निरर्थक लगें,
तो मुरझाये पत्तो की रेखाओं से चटख रंग का महत्त्व मांग लेना।
जब जीवन कुछ सरल लगे,
तो बरसात की तैयारी में मगन कीड़ो से चिंता जान लेना।

बेटा जब बड़े हो जाओगे ना…
…और कभी दुख का पहाड़ टूट पड़े,
तो कड़ी धूप में कूकती कोयल में उम्मीद सुन लेना।
जब सामने कोई बड़ी चुनौती मिले,
तो युद्ध में घायल सैनिक से साँसों की कीमत जांच लेना।

बेटा जब बड़े हो जाओगे ना…
…और कभी अहंकार का दंश चुभे,
तो सागर का एक छोर नाप लेना।
जब कहीं विश्वास डिगने लगे,
तो कुत्ते की आँखों से वफादारी नेक लेना।
कभी दुनिया का मोल पता ना चले,
गुरु की चिता पर बिलखते शिष्य में कद्र सीख लेना।

बेटा जब मेरी याद आये…
…तो अपने बच्चे को छाँव देती किसी भी माँ में मुझे देख लेना।

#ज़हन
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कद्र (काव्य कॉमिक) अब Culture POPcorn वेबसाइट, Google Books-Play, Archives, Issuu, Ebooks Daily, Comicverse आदि पर उपलब्ध।

http://www.culturepopcorn.com/kadr-kavya-comic-web-comic/

NWCP Championship and ICF Awards 2016 Winner

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*) – Thrilled to have won the inaugural ‘War of Kalam’ contest by New World Comics Publication – NWCP….I was impressed with the talent of the young writers and their hunger for genres like horror, comedy, adventure, superheroes and crime fiction.Congratulations to finalists Abhishek, Fahad and Himanshu. Special Mention – Ankur, Rishav and Rajneesh.

Performance Breakdown (NWCP WOK: 20 September 2016 – 10 October 2016)
Round 1 – Rank #05/29 (Theme: General)

Round 2 – Rank #01/09 (5-theme mix – Horror, Comedy, Crime fiction etc)

Round 3 (Final) – Rank #01/04 (Create a Character Universe)

….will soon share the stories.

#NWCP #WOK #warofkalam #mohitness #mohit_trendster #trendybaba #ज़हन

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*) – Comics Memories Podcast Series and Kavya Comics Series won Bronze Position (Best Fan work of the year) and Silver Position (Best Webcomic) respectively in Poll based 4th Annual Indian Comics Fandom Awards 2016 #ICF_2016.

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Update #trendster

Maro Mere Saath (Cover)

Maro Mere Saath! (2008) re-released with new cover (Dailyhunt and allied websites, apps)

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Kavya Comics Series – Collection # 03
Timeline: 2011-2013
Series Book # 01 – 84 Tears (2010), Series Book # 02 – Long Live Inquilab (2012)
Artists – Vishnu Madhav, Soumendra Majumder, Manabendra Majumder, Youdhveer Singh and Vyom Dayal.
Poetry and Script – Mohit Sharma Trendster
© Freelance Talents (November 2013), all rights reserved.

Nazm : Ab Lagta Hai (अब लगता है…) | मोहित शर्मा ज़हन

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*) – अब लगता है….

मेरे पहरे में जो कितनी रातों जगी,
कब चेहरा झुकाए मुझे ठगने लगी,
पिछले लम्हे तक मेरी सगी,
जानी पहचानी नज़रें अब चुभने लगीं।
याद है हर लफ्ज़ जो तुमने कहा था
अब लगता है….
इश्क़ निभाना इतना भी मुश्किल न था….

अटके मसलात पर क़ाज़ी रस्म निभाए,
उम्मीदों में उलझा वो फिर कि…
…पुराने कागज़ों में वो ताज़ी खुशबू मिल जाए।
जाते-जाते एक खत सिरहाने रखा था,
अब लगता है….
इश्क़ निभाना इतना भी मुश्किल न था….

कागज़ों से याद आया कभी तालीम ली थी…..
कुछ वायदों के क़त्ल पर मिले रुपयों से…
….आसान कसमें पूरी की थी।
मासूमियत गिरवी रखकर दुनियादारी खरीदी थी…
यहाँ का हिसाब वगैरह यहीं निपटा कर मरना था,
अब लगता है….
इश्क़ निभाना इतना भी मुश्किल न था….

किसी का हाथ पकडे,
गलत राह पकड़ी,
पीछे जाने की कीमत नहीं,
उनसे नज़रें मिलाने की हिम्मत नहीं…
आगे जाने से इंकार करता मन बंजारा,
गलत सफर तो फिर भी राज़ी,
गलत मंज़िल इसे न गंवारा….

तो मरने तक यहीं किनारे बैठ जाता हूँ,
कोई भटका मुसाफिर आये तो उसे समझाता हूँ…
दूर राहगीर की परछाई में तेरी तस्वीर बना लेता था,
अब लगता है….
इश्क़ निभाना इतना भी मुश्किल न था….
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*) – Ab lagta hai….

Mere pehre mey jo kitni raaton jagi,
Kab chehra jhukaye mujhe thagne lagi,
pichhle lamhe tak meri sagi,
Jaani pehchaani Nazren ab chubhne lagi….
Yaad hai har lafz jo tumne kaha tha,
Ab lagta hai….
Ishq nibhaana itna bhi mushkil na tha….

Atke maslaat par Qazi rasm nibhaye,
Ummeedon mey uljha wo phir ki,
Purane kagazon mey wo taazi khushboo mil jaaye,
Jaate-jaate ek khat sirhaane rakha tha….
Ab lagta hai….
Ishq nibhaana itna bhi mushkil na tha….

Kagazon se yaad aaya kabhi taleem li thi…..
Kuch vaaydo ke qatl par mile rupayon se….
….aasaan kasme poori ki thi,
Masoomiyat girvi rakhkar Duniyadaari khareedi thi….
Yahan ka hisaab wagehrah yahin nipta kar marna tha…
Ab lagta hai….
Ishq nibhaana itna bhi mushkil na tha….

Kisi ka haath pakde,
Galat raah pakdi,
Pichhe jaane ki keemat nahi,
Unse nazren milane ki himmat nahi…
Aage jaane se inkaar karta mann banjara,
Galat safar to phir bhi raazi,
Galat manzil ise na gawara….

To marne tak yahin kinare baith jaata hun,
Koi bhatka musafir aaye to usey samjhata hun…
Door raahgir ki parchaai mein teri tasveer bana leta tha….
Ab lagta hai….
Ishq nibhaana itna bhi mushkil na tha….

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Kavya Comics FB Page

#mohitness #mohit_trendster #trendybaba #freelance_talents #freelancetalents

Event news (March 2016)

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Amazing event!

Shayari #‎ज़हन

यूँ ही फिर दिल को कोई नयी बात लुभा गई,
गिचपिच, मन की संकरी गलियों से किसी पुरानी याद को हटा गई…
जो याद हटी….जाते-जाते आखरी बार ख़्वाब में आ गई…

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दुनियाभर को बकवास जिसने बताया,
वो रुखा दार्शनिक…एक बच्चे की मुस्कान पर रिझ गया…
कितने बही खाते सिफर में उलझे रहे,
और एक तस्वीर में सारा जहाँ सिमट गया…
अब याद नहीं…बेमतलब बातों में कितना वक़्त साथ गुज़ारा,
तुमसे आँखों के मिलने का पल मेरे पास रह गया….

जुग-जुग मरो बेटा! (कटाक्ष) – कवि मोहित शर्मा (ज़हन)

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जून 2015 में एक बार फिर महाराष्ट्र में ज़हरीली शराब पीने के बाद कई लोग मारे गए और कई अन्य अंधे हो गए व कुछ की आंतें फट गयी। परिजनों के विरोध के बाद राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 1 लाख रुपये देने की घोषणा की। पर जो अंधे हुए या जिसकी आँत फटी उनकी सहायता या पुनर्वास के लिए सरकार द्वारा कुछ नहीं किया गया। मृतकों के परिवारों से मेरी सहानुभूति है कि कुछ नियम, कानून और जागरूकता बढ़ा कर ये मौतें कम की जा सकती थी। इस विषय पर ये कटाक्ष काव्य। शब्द जानबूझ कर तीखें किये है, इनका बुरा मानें, इसको दिल पर ज़रूर लें – आवाज़ उठायें…..पर सही जगह!

जुग-जुग मरो बेटा!

रसमलाई क्या जलेबी भी लगे अब फीकी ,
जो शराब लखपति बनायें….
वो ज़हर नहीं अमृत सरीखी।
 ——
मलाल है क़ि पूरी क़ि पूरी क्रिकेट टीम को खड़ा क्यों ना किया,
फालतू में “हम दो, हमारे दो” स्लोगन को इतना seriously ले लिया।
जबसे ट्रेजेडी का मुआवजा बँट गया,
तबसे साला हर शराबी चलती फिरती FD बन गया।
  ——
अजीब देश है, शहीदो की विधवाएं पैसो के लिए कितनी दौड़ लगातीं है,
जबकि शराबियों के घर सरकार खुद चेक लेकर आती है।
  ——
जब लोगो को लाख का चेक मिलते देखा,
चौल का हर बूढा आशीर्वाद देता फिरता – जुग-जुग मरो बेटा!
जनता में अचानक समाजसेवा की जगने लगी है इच्छा,
गोद लेना चाहते है लोग पियक्कड़ यतीम बच्चा।
  ——
दहेज़ में कितना सामान मांग रहा है तेरा जीजा,
बिन आँखों के, फटी आँतों से Installment मे मत जी,
बाउजी कुछ पव्वे ब्लैक में लाएं है गटागट पीजा।
  ——
किसी करमजले का पेट फटा,
तो कोई धरती का बोझ सूरदास बना,
असली सपूत सिर्फ वो,
जो पिके सीधा शहीद हुआ!
  ——
– मोहित शर्मा (ज़हन)
  ——
#mohitness #mohit_trendster #trendybaba #freelance_talents #satire #social #india #message #maharashtra

आज़ादी Poetry – #मोहित_ज़हन‬

बिना शिकन वो पूछ रहे “देश बर्बाद है! किस बात की आज़ादी? कैसी आज़ादी?”
कि कॉन्फिडेंस से पूरी क्रिकेट टीम पैदा कर लो….
कि सालों-दशको-सदियों पुराने “बदलो” के हिसाब में लड़-मरलो….
कि कुतिया में परिवर्तित होकर औरों का हक़ मारने में उसेन बोल्ट का रिकॉर्ड हरलो…
और ज़िम्मेदारी निभाने में ‘पहले आप – पहले आप’ करलो…
कि न्यूज़ रिपोर्ट्स से देश को कोसते हुए AC में दूध ठंडा करलो….
अपने गिरेबां में झाँको तो पाओगे तुम हिन्द नहीं सोमालिया डिज़र्व करते हो सालो!
और अजब है अपना भारत भी…
जो इतने कमीनों के होते हुए भी 200 मुल्कों में डेढ़ सौ से बेहतर है अपनी “आज़ादी”
अनगिनत पाप की आज़ादी, आस्तीन के सांप की आज़ादी!
जय हिन्द! First deserve, then desire…
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P.S. Artwork from latest Kavya Comic “Desh Maange Mujhe”
— celebrating Indian Independence

Audio Entertainment by Mohit Trendy Baba (Promo)

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