Comics Theory (Issue #01)

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Comics Theory’s Ghosts of India Issue 1, released now! (Anthology includes 1 short comic by me and Harendra Saini) Recent event – Indie Comix Fest 13 May 2018, Noida/Delhi.
#comics #horror #india #mohitness #comicstheory #anthology

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Special Edition

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Nazms in new novel

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Mit Gupta’s Teri Isshq Wali Khushboo #romantic Novel (sprinkled with nazms-poetic seasoning by yours truly) will be released on wednesday…Valentine’s Day! ❤ #romance #novel #mitgupta #hindi #literature #poetry #mohitness #mohit_trendster

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…..and a random bonus pic!

Nazm (Mastermind Hindi Novel)

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शुभानंद कृत मास्टरमाइंड (जावेद, अमर, जॉन सीरीज) नॉवेल में प्रकाशित नज़्म।

अभी तो सिर्फ मेरी मौजूदगी को माना,
दिमाग में दबे दरिन्दों से मिलकर जाना।
तुझे तड़पा-तड़पा कर है खाना,
पीछे दरिया रास्ता दे तो चले जाना।

कभी किसी की चीख से आँखों को सेका है?
कभी बच्चे का जिस्म तेज़ाब से पिघलते देखा है?
अभी वक़्त है…रास्ते से हट जाओ,
किसी का दर्द दिखे तो पलट जाओ।
जिसकी दस्तक पर दिलेरी दम तोड़ती है…
मौत से नज़रे मत मिलाओ!

क़ातिल आँधियों मे किसका ये असर है?
दिखता क्यों नहीं है हवा मे जो ज़हर है?
चीखें सूखती सी कहाँ मेरा बशर है?
ये उनका शहर है…

धुँधला आसमां क्यों शाम-ओ-सहर है?
आदमख़ोर जैसा लगता क्यों सफ़र है?
ढ़लता क्यों नहीं है ये कैसा पहर है?
ये उनका शहर है…

जानें लीलती है ख़ूनी जो नहर है.
माझी क्यों ना समझे कश्ती पर लहर है?
हुआ एक जैसा सबका क्यों हश्र है?
ये उनका शहर है…

रोके क्यों ना रुकता…हर दम ये कहर है?
है सबके जो ऊपर..कहाँ उसकी मेहर है?
जानी तेरी रहमत किस्मत जो सिफर है!
ये उनका शहर है….

इंसानों को तोले दौलत का ग़दर है!
नज़र जाए जहाँ तक मौत का मंज़र है!
उजड़ी बस्तियों मे मेरा घर किधर है?
ये उनका शहर है…
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#ज़हन

हाल ही में आयोजित सूरज पॉकेट बुक्स कार्यक्रम में यह नज़्म मंच पर पढ़ी।

Sooraj Pocket Books Event, Delhi (January 2018)

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28 जनवरी 2018 को पीतमपुरा, दिल्ली में सूरज पॉकेट बुक्स के पहले आयोजन में शिरकत करने और मंच संचालन का मौका मिला। लेखक शुभानंद जी के नये नॉवेल “मास्टरमाइंड” में मेरी नज़्म शामिल थी। इस तरह सूरज पॉकेट बुक्स में यह मेरी तीसरी पोएट्री थी। भविष्य में इस प्रकाशन के साथ कुछ और किताबों में मेरा काम पढ़ने को मिलेगा।

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यह इवेंट सफल रहा…जहाँ कई युवा लेखक, कवि दिख रहे थे, वहीं परशुराम शर्मा जी, आबिद रिज़वी जी, आशा शैली जी और किशोर श्रीवास्तव जी जैसे वरिष्ठ साहित्यकार मौजूद थे। अपनी कुछ नज़्म, काव्य पेश किये और कुछ यादगार साक्षात्कार लिये। पहली एंकरिंग में कई बातें पता चली, आगे ध्यान रखकर और बेहतर करने की कोशिश रहेगी।

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Update #Bulk

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*) – 3 upcoming comics Vacuumed Sanctity (with Abhilash Panda), Samaj Bhakshak (with Anand Singh), Untitled (Manabendra Majumder)PHOTO496e

*) – 6 new podcasts on lyrical comedy, noise pollution and art. – SoundCloud Profile

*) – Retired from MMO The Wrestling Game S3 World #39 (August 2017) 😦

*) – Kavya Comics series featured by Nazariya Now

*) – COP Interview

Part 1, Part 2

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*) – Selected as one of the top writers by Dawriter Website.

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*) – 815 Points now…Local Guides Program (Google Maps)

Daraaren Darmiyan (Ishq Baklol Poetry)

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कल देवेन पाण्डेय जी की नॉवेल इश्क़ बकलोल की प्रति मिली। 🙂 किताब का अमेज़न हार्डकॉपी लिंक जल्द ही एक्टिव होगा। उपन्यास शुरू होने से पहले किताब के 2 पन्नो पर मेरी कलम है….

दरिया में तैरती बोतल में बंद खतों की,
पलकों से लड़ी बेहिसाब रातों की,
नम हिना की नदियों में बह रहे हाथों की,
फिर कभी सुनेंगे हालातों की…
…पहले बता तेरी आँखों की मानू या तेरी बातों की?
चाहे दरमियाँ दरारें सही!

ये दिल गिरवी कहीं,
ये शहर मेरा नहीं!
तेरे चेहरे के सहारे…अपना गुज़ारा यहीं।
जी लेंगे ठोकरों में…चाहे दरमियाँ दरारें सही!

नफ़रत का ध्यान बँटाना जिन आँखों ने सिखाया,
उनसे मिलने का पल मन ने जाने कितनी दफा दोहराया….
जिस राज़ को मरा समझ समंदर में फेंक दिया,
एक सैलाब उसे घर की चौखट तक ले आया….
फ़िजूल मुद्दों में लिपटी काम की बातें कही,
चाहे दरमियाँ दरारें सही!

किस इंतज़ार में नादान नज़रे पड़ी हैं?
कौन समझाये इन्हें वतन के अंदर भी सरहदें खींची हैं!
आज फिर एक पहर करवटों में बीत गया,
शायद समय पर तेरी यादों को डांटना रह गया।
बड-बड बड-बड करती ये दुनिया जाली,
कभी खाली नहीं बैठता जो…वो अंदर से कितना खाली।
माना ज़िद की ज़िम्मेदारी एकतरफा रही,
पर ज़िन्दगी काटने को चंद मुलाक़ात काफी नहीं….
ख्वाबों में आते उन गलियों के मोड़,
नींद से जगाता तेरी यादों का शोर।
मुश्किल नहीं उतारना कोई खुमार,
ध्यान बँटाने को कबसे बैठा जहान तैयार!
और हाँ…एक बात कहनी रह गयी…
काश दरमियाँ दरारें होती नहीं!
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#ज़हन

Anthology: Apne-Apne Kshitij (Lagukatha Sankalan)

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4 stories in the anthology, Book Launch: 8 January, 2017 – World Book Fair Delhi 🙂

अपने-अपने क्षितिज – लघुकथा संकलन (वनिका पब्लिकेशन्स)
56 लघुकथाकारों की चार-्चार लघुकथाओं का संकलन।
मुखावरण – चित्रकार कुंवर रविंद्र जी

विश्व पुस्तक मेले में 8 जनवरी 2017 को 11:30 बजे वनिका पब्लिकेशन्स के स्टैंड पर इस पुस्तक का विमोचन का कार्यक्रम है व, जिसमें आप सभी आमंत्रित हैं।

Zahanjori.in – ज़हनजोरी (Zahanjori) Book Website

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Screenshots: ज़हनजोरी (Zahanjori) Book Website Yay!!!
http://www.zahanjori.in/

ज़हनजोरी (कहानी संग्रह) – Zahanjori Back Cover

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Zahanjori is now available worldwide. Grab your own copy now. In India, it is available in Amazon, Flipkart, BooksCamel and many other online retailers.

Book – ज़हनजोरी (Zahanjori) [ISBN: 9781618133922] #update

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Namastey! 🙂 I am happy to inform you about my new book (story collection) ज़हनजोरी (Zahanjori). It’s preorder is now available on BooksCamel. Follow this link: www.bookscamel.com/preorders/zahanjori

More deals, discounts and Amazon.comFlipkartDoor DealsInstamojoGoogle weblinks soon.

53 stories and poems, Paperback: 152 pages, Hindi

ISBN: 9781618133922

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