प्रशंसा का अनुपात (लघुकथा) #trendster

11653_1276068545813_4780605_n

टी.वी. पर एक अभिनेता द्वारा बाढ़ त्रासदी पीड़ित लोगो के लिए ढाई करोड़ के दान की खबर चल रही थी तो वर्मा जी साथ बैठे अपने मित्र श्रीवास्तव साहब से तुनक कर बोले।

“अरे 2-ढाई अरब की संपत्ति बना ली है इसने, उसमे से ये चिल्लर दान कर दी तो क्या बड़ा काम कर दिया? ये न्यूज़ वाले भी ना…हुंह!”

श्रीवास्तव साहब का मत दूसरा था – “वर्मा जी, बात तो आपकी सही है पर यह बात हमपर तब शोभा देती है जब हम लोग अपनी लगभग दो करोड़ की संपत्ति में से ऐसी त्रासदियों में इस अभिनेता की तरह प्रॉपर्टी के अनुपात की ‘चिल्लर’ यानी 2-3 लाख रुपये दान में दें तो…”

वर्मा जी झेंप गए – “अब आप भी ऐसी बातें करोगे? कहाँ हम मध्यम वर्गीय परिवार और कहाँ वो सुपरस्टार…”

समाप्त!

– मोहित शर्मा ज़हन

==============
#mohitness #mohit_trendster #trendybaba #freelancetalents #freelance_talents

इज़्ज़त का अचार (कहानी) – मोहित शर्मा ज़हन

IMG0229A

होपी नामक क़स्बा नक्काशी के काम और पुराने मंदिरों की वजह से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र था। यहाँ आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या काफी थी। संपन्न परिवार का दिनेश वहां अकेले ट्रेवल एजेंसी, टूर गाइड्स, होटल आदि काम संभालता था। उसे लगता था उसके पुरखों को कमाना नहीं आता था और जितना वे कमा सकते थे उतना कमाया नहीं। वह अपने ड्राइवर्स, होटल मैनेजर, गाइड्स आदि के साथ मिलकर हर सेवा के विदेशी पर्यटकों से ज़्यादा पैसे वसूलता, घटिया सामान खरीदवाता और मौका मिलने पर अपने ही पॉकेटमार, चोर लड़के-लड़कियों से पर्यटकों के पैसे और कीमती सामान उठवाता।

एक दिन यूँ ही काम का जायज़ा ले रहे दिनेश के पिता ने उसे टोका तो उसका जवाब था – “पिता जी आप बेफिक्र रहो! पुलिस अपनी जेब में है, बस टूरिस्ट को दिखाने का नाटक करते हैं। न इस जगह कोई दूसरा कॉम्पिटिशन है अपना।”

बिजनस सँभालने के डेढ़ साल के अंदर ही पहले से काफी अधिक मुनाफा हुआ तो दिनेश ने खाना खाते हुए अपने बुजुर्गो को ताना मारा – “बाउ जी ऐसे कमाया जाता है रुपया।”

इन डेढ़ वर्षों के दौरान इंटरनेट फ़ोरम्स, सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय न्यूज़ रिपोर्ट्स में होपी क़स्बा पर्यटकों से चोरी, धोखाधड़ी के मामलो में कुख्यात हो गया था। कभी हज़ारो विदेशी पर्यटकों के आकर्षण पर अब गिने-चुने विदेशी आने लगे। दिनेश के काम एक-एक कर ठप होने लगे और ज़मीन बेचने की नौबत आ गयी। बाबा से रहा न गया – “बेटा, ज़मीन के अलावा घर भी बेचना पड़े कोई बात नहीं…. इन्हे बेच कर इस परिवार, जगह और देश की खोई इज़्ज़त वापस मिले तो लेते आना।”

समाप्त!

=====================

#mohitness #mohit_trendster #freelance_talents #freelancetalents #fiction #india #message #tourism

माँ को माफ़ कर दो…(मोहित शर्मा ज़हन)

066951-street-21x29-4-

बीच सड़क पर चिल्ला रहे, ज़मीन पीट रहे, खुद को खुजा रहे और दिशाभ्रमित भिखारी से लगने वाले आदमी को भीड़ घेरे खड़ी थी। लोगो की आवाज़, गाड़ियों के हॉर्न से उसे तकलीफ हो रही थी। शाम के धुंधलके में हर दिशा से आड़ी-तिरछी रौशनी की चमक जैसे उसकी आँखों को भेद रहीं थी। जिस कार ने उसे टक्कर मारी थी वो कबकी जा चुकी थी। कुछ सेकण्ड्स में ही लोगो का सब्र जवाब देने लगा।

“अरे हटाओ इस पागल को !!” एक साहब अपनी गाडी से उतरे और घसीट कर घायल को किनारे ले आये। खरीददारी कर रिक्शे से घर लौट रही रत्ना घायल व्यक्ति के लक्षण समझ रहीं थी। एकसाथ आवाज़, चमक की ओवरडोज़ से ऑटिज़्म या एस्पेरगर्स ग्रस्त वह व्यक्ति बहुत परेशान हो गया था और ऐसा बर्ताव कर रहा था। भाग्य से उसे ज़्यादा चोट नहीं आई थी।

“रोते नहीं, आओ मेरे साथ आओ।” रत्ना उस आदमी को बड़ी मुश्किल से अपने साथ एक शांत पार्क में लाई और उसे चुप कराने की कोशिश करने लगी। “भूख लगी है? लो जूस पियो-चिप्स खाओ।” फिर न जाने कब रत्ना उस प्रौढ़ पुरुष को अपने सीने से लगाकर सिसकने लगी। पार्क में इवनिंग वाक कर रहे लोगो के लिए यह एक अजीब, भद्दा नज़ारा था। उनमे कुछ लोग व्हाट्सप्प, फेसबुक आदि साइट्स पर अपने अंक बनाने के लिए रत्ना की तस्वीरें और वीडियों बनाने लगे…पर रत्ना सब भूल चुकी थी, उसके दिमाग में चल रहा था…“काश कई साल पहले उस दिन, मेरी छोटी सोच और परिवार के दबाव में तीव्र ऑटिज़्म से पीड़ित अपने बच्चे को मैं स्टेशन पर सोता छोड़ कर न आती।”

समाप्त!

===============

Art – Frederic Belaubre

#mohitness #mohit_trendster #trendybaba #freelancetalents #freelance_talents

भाई-यार (संवाद-कहानी) | मोहित शर्मा ज़हन

205638_10200431825142183_148810806_n

देश के चहेते अभिनेता प्रणय पाल का नाम पैसो के गबन के मामले में सामने आया। प्रणय के एक बड़े प्रशंषक को यह खबर नहीं पची।

“भाई! ये सब चोचले होते हैं मीडिया और इनके एंटी कैंप वालो के। इतनी बड़ी हस्ती का नाम ख़राब करने की नौटंकी है बस।”

प्रशंषक का भाई रुपी दोस्त बोला – “हाँ भाई, मीडिया और एंटी कैंप करते हैं ऐसी हरकतें पर कभी-कभी सही भी होती हैं ये ख़बरें। इस बार तो मुझे भी शक है…”

पर यह बात प्रशंषक को जँची नहीं – “यार वो तेरे फेवरेट एक्टर नहीं हैं तो ज़बरदस्ती चिढ मत।”

भाई से फ़िर यार बना व्यक्ति बोला – “चिढ़ने की बात कहाँ से आ गयी? उस रिपोर्ट में सिर्फ इनका ही नाम नहीं है। कई विदेशी लोगो के नाम हैं, जिनमे से कुछ अपने देशो की जांच में दोषी मिले हैं। भारत से इतनी दूर एक छोटे से देश में जहाँ न बॉलीवुड चलता हो, न जिनका भारत से कुछ ख़ास नाता हो….वहां सिर्फ इनका नाम क्यों? किसी क्षेत्र में बड़ी हस्ती होना और दिल का साफ़ होना अलग बात है। ज़रूरी नहीं कि बड़ा इंसान एक अच्छा इंसान भी हो।”

यार की बात के दम ने उसे दोबारा भाई बना दिया।

“ठीक है फिर…भाई-यार फैसला आने तक रुक जाते हैं।”

समाप्त!

#मोहित_ज़हन #mohitness #mohit_trendster #trendybaba #freelancetalents #freelance_talents

अच्छी नस्ल (लघुकथा) #trendster

019

श्रीमती जी और श्रीमान जी एक टीवी चैनल के टॉक शो में अतिथि थे। जहाँ श्रीमती जी ने इस वाक्य के साथ अपनी बात ख़त्म की –

“लोगो को सुंदरता के बाहरी आवरण को हटाकर अपने जीवनसाथी का चयन करना चाहिए। केवल बाहरी रूप से किसी पर मोहित होना हमारी छोटी सोच दर्शाता है।” लोगो की तालियों के बीच श्रीमती-श्रीमान जी की मुस्कान दर्शा रही थी कि कॉलोनी और जान-पहचान वालो में कुछ समय तक शो ऑफ करने लायक मसौदा तैयार हो गया है।

घर पहुँच कर श्रीमती जी और श्रीमान जी अपने 2 बच्चों पर पिल पड़े। उनके गुस्से का कारण थे 2 देसी पिल्ले, जो उनके बच्चे पार्क से उठा लाये थे।

गुस्सा शांत होने पर बच्चों को समझाती हुई श्रीमती जी बोली, “बच्चों ये छी-छी वाले, गंदे सड़क के पिल्ले हैं। रोना नहीं, मैं अपने प्रिंस-प्रिंसेस के लिए सुंदर सा लैब्राडोर, गोल्डन रीट्रीवर या पग जो बोलोगे, वो लेकर आउंगी….अच्छी नस्ल के होते हैं ना वो।

समाप्त!

#mohitness #mohit_trendster #trendybaba #freelancetalents #freelance_talents

बाइनरी मम्मी (लघुकथा) – लेखक मोहित शर्मा ज़हन

182jpg1

नेत्र रोग डॉक्टर के पास, अपने 5 वर्ष के बच्चे के साथ चिंतित माँ-बाप बैठे थे।

माँ – “सीनू के पापा को मोटे वाला डबल-लेंस चश्मा लगा था तो इसे भी चश्मा ना लगे इसलिए नियमित गाजर का जूस, विटामिन और सारे घरेलु नुस्खे करती थी। फिर भी पता नहीं कैसे इसे इतनी कम उम्र में ही धुंधला दिखने लगा?”

डॉक्टर – “बच्चे को ज़रुरत से अधिक विटामिन A देने की वजह से उसे हाइपरविटामिनोसिस-ए विकार हो गया है। जिस से उसका लिवर, हड्डियां कमज़ोर हो गयी हैं और उसकी दृष्टि पर असर पड़ा है।”

महिला का पति सोचने लगा कि घर के अन्य सदस्यों में भी उसकी पत्नी ने किसी न किसी विटामिन का हाइपरविटामिनोसिस करवा रखा होगा। एक बार खुद पत्नी को किसी ने अनीमिया के लक्षण बता दिए, तबसे अब तक पता नहीं देश का कितना लोखंड खा चुकी होगी। तभी महिला की आवाज़ से उसका ध्यान टूटा।

“आज से गाजर का जूस बंद!”

समाप्त!

======================================

Art – Shivani Ramaiah
#mohitness #mohit_trendster #trendybaba #freelance_talents

50 वर्ष की अनिद्रा (कहानी) – मोहित शर्मा (ज़हन)

591145-beautiful-blue-abstract

कुश्ती में विश्वविख्यात पहलवान शिव मोंगा बढ़ती उम्र की वजह से संन्यास ले रहे थे। उन्हें विश्व कुश्ती परिषद एवम अन्य स्थानीय, अंतर्राष्ट्रीय फेडरेशन्स सम्मानित कर रहीं थी। पत्रकारों, प्रशंषको से सवालों की बौछार हो रही थी। करियर के हर पड़ाव को याद कर शिव किस्से सुना रहे थे।

जब सवाल पूछा गया कि उनके लिए सबसे कठिन चुनौती कौन पहलवान था। तो उनके जवाब से पहले कई मशहूर पहलवानो के नाम जनता में से आने लगे जिनके साथ वर्षो तक शिव की तगड़ी प्रतिद्वंदिता चली।

“ऐसे एक नहीं दो पहलवान थे, पर जो आपने अंदाज़ा लगाया रेसलिंग में ना सर्बिया का चैंपियन ना मेक्सिको का दैत्य मेरे लिए सबसे बड़ी चुनौती था। गांव में निर्मल भूरा नाम के पहलवान ने मुझे खूब पटखनी दी। उन कुछ महीनो में अक्सर निर्मल से हार कर मैं इतना हतोत्साहित हो गया था कि कुछ और काम करने की सोचने लगा था, पर ऐसा होने से पहले गरीबी में वह पहलवानी छोड़ पटवारी बन गया और मैं घर के सहयोग से आगे बढ़ता चला गया। मैं चाहता तो उस वक़्त पैसो की मदद से उसको पहलवानी जारी रखवा सकता था पर मैंने ऐसा किया नहीं। दूसरा मेरा जुड़वाँ भाई विष्णु। वह मुझसे कुछ सेकण्ड्स छोटा था पर फूर्ति और दांवपेच में बहुत आगे। बचपन उसके साये में बीत रहा था। मैं तंग आ गया था उसे मिल रहे प्यार और इनामों से। 8-9 साल की उम्र में एक बार नहर में नहाते हुए उसे धक्का दे दिया और वह डूब कर मर गया। शायद ऊपर मेरा भाई, माँ-बाप और जनता मुझे माफ़ कर दें। ये मेरी आँखों के नीचे काले घेरे बचपन से हैं। 50 सालों से करवट बदलता रहा हूँ। कम से कम आज के बाद चैन से सोऊंगा।”

समाप्त!

Read New Story इंटरनेटी अफवाह (लघुकथा) – मोहित ट्रेंडस्टर

#mohitness #mohit_trendster #freelance_talents #trendybaba

इंटरनेटी अफवाह (लघुकथा) – मोहित ट्रेंडी बाबा

tumblr_n14fr8gq6K1rfn08zo1_1392608709_cover

प्राइम टाइम न्यूज़ का सेट, जिसपर लाइव देश का प्रख्यात पत्रकार-एंकर आनंद कुमार। 

“…और ब्रेक से पहले जैसा हम चर्चा कर रहे थे इंटरनेट की विश्वसनीयता और वहां फैले झूठ, अफवाहों की। पिछले बुलिटिन में ही हमने आपको खबर दी थी कि गुमनामी में रहने वाले प्रख्यात लेखक सोहन वर्मा की हृदयघात से मौत हो गयी है जबकि कुछ देर पहले हमारे पत्रकार ने उनसे मिलकर उनके ठीक होने की पुष्टि की है। सोशल मीडिया पर अच्छी फोर्मैटिंग और भाषा-शैली की अफवाहों से धोखे में ना पड़े।”

अपनी फैन फॉलोइंग द्वारा उसके हर अंदाज़ की तारीफ से जन्मी आत्म मुग्धता में आनंद ने प्रोटोकॉल से बाहर आकर चुटकी ली।

“यह देखिये अभी तक हमारे स्टूडियो का टेली प्रॉम्पटर सोहन जी की मृत्यु का समाचार दिखा रहा है। हा हा हा… लगता है आज टीम ने चाय-कॉफी नहीं ली।”

सामने गुस्से में प्रोडूसर से भी प्रोटोकॉल टूट गयी और वो चिल्ला कर बोला।

“अबे! इस बार वो सच में मर गए हैं।”

समाप्त!

#mohitness #mohit_trendster #trendybaba #freelance_talents

क्रॉस कनेक्शन (लघुकथा) – मोहित ट्रेंडस्टर

tumblr_m4g109n9441ro74x3o1_500
बगल के घर से आती आवाज़ों को सुन सुमेर सोच रहा था कि लोगो को उसके पडोसी मनसुख लाल की तरह नहीं होना चाहिए जो अपने परिवार की खातिर और कानून के डर से अपनी हिंसक बीवी सुशीला के हाथो पिटता रहे और कानो मे काँच सा घोलते तानो को ताउम्र सहता चला जाये। इधर शाम को आसमान को एकटक निहारते अपने पडोसी को देख कर मनसुख लाल सोचने लगा कि लोगो को सुमेर कुमार जैसा नहीं होना चाहिए जो पत्नी राधा के 2-4 तानो को अपनी मर्दानगी पर ले उसे दोमंज़िल से नीचे फ़ेंक दें और फिर हादसे का बहाना बना कर जीवन भर कोमा में पड़ी बीवी का बिल भरता रहे, ससुराल वालो से केस लड़ता रहे। तीसरे-चौथे पडोसी आपस में बातें कर रहे थे कि सुमेर की शादी सुशीला से होनी चाहिए थी और मनसुख का बंधन राधा से बंधना चाहिए था, तब कम से कम एक जोड़ा सुखी रहता और सुमेर -सुशीला के भी दिमाग ठिकाने रहते।
समाप्त!
टिप्पणी – जीवन में संतुलन हमेशा पूरा व्यक्तित्व बदल कर नहीं बल्कि अक्सर व्यक्ति में कुछ गुण, व्यवहार बदल कर भी लाया जा सकता है।
– मोहित शर्मा (ज़हन)
#mohitness #mohit_trendster #trendybaba #freelance_talents

Newer entries »