इज़्ज़त का अचार (कहानी) – मोहित शर्मा ज़हन

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होपी नामक क़स्बा नक्काशी के काम और पुराने मंदिरों की वजह से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र था। यहाँ आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या काफी थी। संपन्न परिवार का दिनेश वहां अकेले ट्रेवल एजेंसी, टूर गाइड्स, होटल आदि काम संभालता था। उसे लगता था उसके पुरखों को कमाना नहीं आता था और जितना वे कमा सकते थे उतना कमाया नहीं। वह अपने ड्राइवर्स, होटल मैनेजर, गाइड्स आदि के साथ मिलकर हर सेवा के विदेशी पर्यटकों से ज़्यादा पैसे वसूलता, घटिया सामान खरीदवाता और मौका मिलने पर अपने ही पॉकेटमार, चोर लड़के-लड़कियों से पर्यटकों के पैसे और कीमती सामान उठवाता।

एक दिन यूँ ही काम का जायज़ा ले रहे दिनेश के पिता ने उसे टोका तो उसका जवाब था – “पिता जी आप बेफिक्र रहो! पुलिस अपनी जेब में है, बस टूरिस्ट को दिखाने का नाटक करते हैं। न इस जगह कोई दूसरा कॉम्पिटिशन है अपना।”

बिजनस सँभालने के डेढ़ साल के अंदर ही पहले से काफी अधिक मुनाफा हुआ तो दिनेश ने खाना खाते हुए अपने बुजुर्गो को ताना मारा – “बाउ जी ऐसे कमाया जाता है रुपया।”

इन डेढ़ वर्षों के दौरान इंटरनेट फ़ोरम्स, सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय न्यूज़ रिपोर्ट्स में होपी क़स्बा पर्यटकों से चोरी, धोखाधड़ी के मामलो में कुख्यात हो गया था। कभी हज़ारो विदेशी पर्यटकों के आकर्षण पर अब गिने-चुने विदेशी आने लगे। दिनेश के काम एक-एक कर ठप होने लगे और ज़मीन बेचने की नौबत आ गयी। बाबा से रहा न गया – “बेटा, ज़मीन के अलावा घर भी बेचना पड़े कोई बात नहीं…. इन्हे बेच कर इस परिवार, जगह और देश की खोई इज़्ज़त वापस मिले तो लेते आना।”

समाप्त!

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दुग्गी ऑफ़ ऑल ट्रेड्स

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नमस्ते! 🙂 अक्सर किसी क्षेत्र में सफल या अच्छी जगह पहुंचे लोगो को किस्मत को कोसते, कहते देखता हूँ कि हम यहाँ तो सफल हैं पर इस चक्कर में जिस दूसरे क्षेत्र में भी रूचि थी उसमे कुछ न कर पाने या कम कर पाने का मलाल है। मतलब आपको विराट कोहली भी बनना है और सुनीता विलियम्स भी? या मोहम्मद अली तो बनेंगे ही पर साथ में नेताजी बोस वाला तमगा भी चाहिए? एक जगह समय दिया, मेहनत की तो फल भी उसी में मिलना चाहिए न? आपका ऐसा बोलना इन क्षेत्रों में कर्म की तपस्या से सफल हुए, अपना पूरा जीवन एक दिशा में लगा चुके लोगो का अपमान है। अंधो में काणा राजा होना और वाकई में विलक्षण प्रतिभा होना दो अलग बातें है। जैसे संभव है आप अपने परिवार और दोस्तों के बीच सबसे अच्छी स्केचिंग करते हों पर असल दुनिया में जिन्हे पेशेवर कहा जाता है वो लोग वर्षो-दशकों तक दिन पर दिन, तिल-तिल संघर्ष कर अपना हुनर निखारते हैं, तो अपने गाहे-बगाहे के काम पर ज़बरदस्ती की आहें न भरें।

अब या तो आप अरबों में एक हों और जन्मजात एक से अधिक क्षेत्रों में ख्याति पाने लायक हों (ज़्यादा खुश न हों अरबों में एक लिखा है…. चले गुलाबी मोर बनने :p) या आपने वाकई अपने मुख्य क्षेत्र के साथ-साथ अन्य क्षेत्रो में कई वर्षों या दशकों तक काम किया हो तब सोचा जा सकता है। उदाहरण के लिए किसी रचनाकार का यह कहना कि भगवान् ने इतना दिमाग दिया है, मैं चाहता तो ये आई.टी., कोडिंग फलाना क्या मुश्किल था मेरे लिए? क्या भैया? किसी की स्किल, कला, प्रतिभा का सम्मान करना इतना मुश्किल भी नहीं है! भाग्य, परिस्थिति और रूचि के चक्कर से अगर वह आपकी तरह किसी कलात्मक क्षेत्र में होता तो आपका डीम्ड पापा/मम्मी होता। आपके क्लोज सर्किल में लोगो ने तारीफ कर दी तो आप तो दिल पर ही ले बैठे। यह वेरीफाई ज़रूर करें कि आप मास्टर ऑफ़ ऑल ट्रेड्स हैं की जगह दुग्गी ऑफ़ ऑल ट्रेड्स तो नहीं हैं? ऐसा करने से आप खुद को कमाल आर. खान या वो एक्टर-डायरेक्टर-सिंगर-वाइब्रेटर बाबा जैसो की राह पर चलने से रोक सकते हैं।

इस स्थिति में एक अपवाद है अगर कोई अन्य विधा, स्किल आपके क्षेत्र से जुडी हो तो समय के साथ आप उसमे अच्छे हो सकते हैं। जैसे एक लेखक के लिए समीक्षक होना, किसी खेल के पूर्व खिलाडी के लिए उस खेल का कोच या रेफरी बन जाना थोड़ा आसान होता है। हालांकि, इस बदलाव के भी अच्छे होने की गारंटी नहीं है। जीवन में आपने जो राह चुनी है, जो निर्णय लिए हैं, उनकी अच्छी-बुरी बातें स्वीकार करें। साथ ही अपने चुनाव, निर्णय के सही होने पर जैसे कूद कर पूरा श्रेय आप लेते हैं उसी तरह गलत होने पर वैसे ही कूद कर नहीं आ सकते कोई बात नहीं पर, ज़िम्मेदारी लेने से न बचें। परिवार या अन्य किसी व्यक्ति, बात पर दोष डालना उचित नहीं क्योकि आप कोई 7 साल के बच्चे नहीं हैं!

– मोहित शर्मा ज़हन

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Domuha Aakrman – दोमुँहा आक्रमण (Freelance Talents)

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Illustrator – Tadam Gyadu (PencilDude)

Author – Mohit Sharma (Trendster)

Colorists – Harendra Saini, Dheeraj Dkboss Kumar

Calligraphy – Youdhveer Singh

Pages – 13, Symbolism-Historic Fiction Comic

Available – Dailyhunt, Readwhere, ISSUU, Comics Reel and allied websites/portals.

#freelance_talents

Hindi Fables for Children (Freelance Talents)

Hindi Fables (Mohit Trendster)

*late update* ebook, 3 fables for kids (including 1 short comic Jhootha Na Sahi), April 2014

Kavya Comics (Volume 4)

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काव्य कॉमिक्स संग्रह – 4, विभिन्न कलाकारों के साथ रची शार्ट काव्य कॉमिक्स (पोएट्री कॉमिक्स) का संकलन है। इस संकलन की टाइमलाइन वर्ष 2011 से लेकर 2014 तक है।

Update #trendster

Maro Mere Saath (Cover)

Maro Mere Saath! (2008) re-released with new cover (Dailyhunt and allied websites, apps)

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Kavya Comics Series – Collection # 03
Timeline: 2011-2013
Series Book # 01 – 84 Tears (2010), Series Book # 02 – Long Live Inquilab (2012)
Artists – Vishnu Madhav, Soumendra Majumder, Manabendra Majumder, Youdhveer Singh and Vyom Dayal.
Poetry and Script – Mohit Sharma Trendster
© Freelance Talents (November 2013), all rights reserved.

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